
भूमिका: संघर्ष का नया और घातक चरण,बाब-अल-मंदेब” (Bab-al-Mandeb).
मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव अब एक ऐसे आत्मघाती मोड़ पर पहुँच चुका है जहाँ से शांति का मार्ग धुंधला पड़ता दिखाई दे रहा है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच का यह त्रिकोणीय संघर्ष अब महज़ सीमाई विवाद नहीं, बल्कि एक पूर्ण विकसित युद्ध का रूप ले चुका है। ईरान इस युद्ध में अपनी संपूर्ण सैन्य शक्ति झोंक रहा है, जबकि अमेरिका और इजरायल इस चक्रव्यूह से सुरक्षित निकलने के रास्ते तलाश रहे हैं।
शीर्ष कमांडरों की शहादत और ईरान का प्रतिशोध.
युद्ध की आग तब और भड़क गई जब इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों को निशाना बनाया। हाल ही में इजरायल द्वारा ईरान के नौसेना प्रमुख (Navy Chief) की हत्या के दावे ने तेहरान को क्रोधित कर दिया है।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के प्रमुख ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है:
“आप हमारे जितने शीर्ष नेतृत्व को समाप्त करेंगे, हम उतनी ही अधिक आक्रामक शक्ति के साथ पलटवार करेंगे। यह युद्ध ईरान के अंतिम व्यक्ति के जीवित रहने तक जारी रहेगा।”
डोनाल्ड ट्रंप के विरोधाभासी दावे और ईरान का खंडन.
जहाँ एक ओर युद्ध के मैदान में मिसाइलें बरस रही हैं, वहीं राजनीतिक गलियारों में बयानों का दौर जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कुछ चौंकाने वाले दावे किए हैं। कभी वे कहते हैं कि ईरान के साथ उनकी सार्थक बातचीत चल रही है और 5 दिनों में युद्ध समाप्त हो जाएगा, तो कभी वे दावा करते हैं कि ईरान ने उन्हें अपना ‘सुप्रीम लीडर’ (Supreme Leader) बनने का प्रस्ताव दिया है।
हालाँकि, ईरान ने इन सभी दावों को “झूठ का पुलिंदा” और हास्यास्पद करार दिया है। ईरान का स्पष्ट कहना है कि उनका कोई भी प्रतिनिधि अमेरिका के साथ वार्ता नहीं कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप इस युद्ध के दबाव से बचने के लिए भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर रहे हैं।
वैश्विक ऊर्जा संकट: बाब-अल-मंदेब की नाकेबंदी की धमकी.
इस युद्ध की सबसे खतरनाक चेतावनी ईरान के जलमार्गों को लेकर आई है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यदि उसके दक्षिणी द्वीपों या मुख्य भू-भाग पर अमेरिका-इजरायल की ओर से कोई सैन्य कार्यवाही होती है, तो वह Strate of होर्मुज (Hormuz) के साथ-साथ “बाब-अल-मंदेब” (Bab-al-Mandeb) जलडमरूमध्य को भी पूरी तरह बंद कर देगा।
इसका असर क्या होगा?
- हूती विद्रोहियों का नियंत्रण: यमन का हूती संगठन ईरान के इशारे पर इस प्रमुख समुद्री मार्ग पर कब्जा कर सकता है।
- तेल और गैस की किल्लत: यदि यह मार्ग बंद हुआ, तो वैश्विक तेल और गैस की सप्लाई चेन पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी।
- आर्थिक मंदी: दुनिया भर के देशों में ऊर्जा का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी।
निष्कर्ष: आगे क्या?
यह बयान तब आया है जब व्हाइट हाउस ने ईरान के सामने 15 कड़ी शर्तें रखी हैं और उन्हें न मानने पर सीधी सैन्य कार्यवाही की धमकी दी है। अब पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका और इजरायल, ईरान की इस ‘जलमार्ग नाकेबंदी’ वाली चेतावनी का क्या जवाब देते हैं।



