
इजरायल और अमेरिका का ईरान पर ‘प्री-एम्प्टिव’ स्ट्राइक, Operation Roar of the Lion: मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की शुरुआत?
आज यानी 28 फरवरी 2026 की सुबह दुनिया के लिए एक खौफनाक खबर लेकर आई। इजरायल (Israel) ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान (Iran) के सैन्य ठिकानों और परमाणु केंद्रों पर भीषण हमला कर दिया है। इस ऑपरेशन को ‘Roar of the Lion’ का नाम दिया गया है। तेहरान की सड़कों पर धमाकों की गूंज और आसमान में धुएं के गुबार ने यह साफ कर दिया है कि अब कूटनीति का समय खत्म हो चुका है।
मुख्य बिंदु: अब तक क्या-क्या हुआ?
- तेहरान पर हमला: इजरायली जेट्स ने ईरान की राजधानी तेहरान के पास धमाके किए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के दफ्तर के करीब भी विस्फोट सुने गए।
- ट्रंप का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि “अमेरिका ने ईरान में मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस शुरू कर दिए हैं।”
- इजरायल में इमरजेंसी: हमले के तुरंत बाद इजरायल में ‘नेशनल इमरजेंसी’ घोषित कर दी गई है। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और लोगों को बंकरों के पास रहने को कहा गया है।
- ईरान का पलटवार: हमले के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने भी इजरायल पर मिसाइलें दागनी शुरू कर दी हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
युद्ध का कारण: क्यों हुआ यह हमला?
पिछले कई हफ्तों से जिनेवा में परमाणु समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि ईरान गुपचुप तरीके से परमाणु हथियार बना रहा था जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए सीधा खतरा है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे “अस्तित्व के खतरे को मिटाने वाला हमला” करार दिया है।
भारत पर क्या होगा असर?
मिडल ईस्ट में छिड़ी यह जंग भारत के लिए भी चिंता का विषय है: - कच्चे तेल की कीमतें: ईरान और इजरायल के बीच युद्ध से ग्लोबल मार्केट में पेट्रोल-डीजल के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं।
- भारतीयों की सुरक्षा: ईरान में हजारों भारतीय काम करते हैं। भारत सरकार ने पहले ही एडवाइजरी जारी कर भारतीयों को जल्द से जल्द देश छोड़ने को कहा है।
- शेयर बाजार: इस खबर के बाद वैश्विक शेयर बाजारों (Stock Markets) में भारी गिरावट देखी जा रही है।
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच यह टकराव केवल दो देशों की लड़ाई नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरे विश्व की शांति को खतरे में डाल सकता है। जहां एक ओर इजरायल अपनी सुरक्षा का दावा कर रहा है, वहीं ईरान इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बता रहा है। आने वाले 48 घंटे पूरी दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाले हैं।






