The Hunt brothers were sworn in before a House subcommittee investigating Silver Thursday.

सिल्वर थर्सडे (Silver Thursday)
सिल्वर थर्सडे 27 मार्च 1980 को चांदी (Silver) की कीमतों में आई ऐतिहासिक और नाटकीय गिरावट को कहा जाता है। यह गिरावट चांदी के बाज़ार पर कब्ज़ा (corner the market) करने की कोशिश के नाकाम होने के बाद हुई।

  1960 के दशक की शुरुआत में, कुछ गिने-चुने राजाओं और तानाशाहों को छोड़ दें तो नेल्सन बंकर हंट दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक थे। उन्हें अपने पिता, मशहूर तेल कारोबारी एच. एल. हंट, से अपार संपत्ति विरासत में मिली थी और उन्होंने निवेश व सट्टेबाज़ी से अपनी दौलत और बढ़ाई।

1970 के आसपास बंकर हंट को लगा कि आने वाला समय आर्थिक रूप से अस्थिर होगा और महंगाई बेकाबू हो सकती है। चूंकि 1933 में फ्रैंकलिन डी. रूज़वेल्ट द्वारा अमेरिकी नागरिकों के लिए सोना रखने पर रोक लगा दी गई थी, इसलिए बंकर हंट और उनके छोटे भाई विलियम हर्बर्ट हंट ने सोने की जगह चांदी को चुना। उस समय चांदी की कीमत सिर्फ 1.50 डॉलर प्रति औंस थी।

शुरुआत में वे सावधानी से निवेश कर रहे थे, लेकिन 1973 में कर्नल मुअम्मर अल-क़द्दाफी द्वारा लीबिया में हंट परिवार के तेल क्षेत्रों के राष्ट्रीयकरण के बाद उनकी रणनीति पूरी तरह बदल गई। उन्हें डर था कि काग़ज़ी पैसा बेकार हो जाएगा, इसलिए उन्होंने बड़े पैमाने पर चांदी के फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स खरीदने शुरू कर दिए। उन्होंने करीब 5.5 करोड़ औंस चांदी के कॉन्ट्रैक्ट लिए और धीरे-धीरे उनके पास लगभग 10 करोड़ औंस चांदी इकट्ठा हो गई।

    वे केवल काग़ज़ी सौदे बेचने की बजाय असली चांदी की डिलीवरी लेने लगे और उसे तीन बोइंग 707 विमानों के ज़रिए स्विट्ज़रलैंड भिजवाया गया।

   1979 तक हंट भाइयों ने चांदी की वास्तविक कमी (shortage) पैदा कर दी। उनके पास करीब 4.5 अरब डॉलर की चांदी थी, जो दुनिया की कुल आपूर्ति का लगभग 70 प्रतिशत मानी जाती है। चांदी की कीमत लगातार बढ़ती गई और 17 जनवरी 1980 को यह 49.45 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई।

   इतनी तेज़ सट्टेबाज़ी और मुनाफ़े को देखते हुए सरकार ने सख़्त कदम उठाए। फेडरल रिज़र्व ने चांदी के कारोबार पर रोक लगा दी। इससे तेजी का दौर अचानक खत्म हो गया, लेकिन हंट भाइयों को अब भी महंगे दामों पर किए गए सौदों की मार्जिन कॉल पूरी करनी थी।

फिर आया वह ऐतिहासिक दिन—गुरुवार, 27 मार्च 1980। इसी दिन चांदी की कीमत गिरकर 10.80 डॉलर प्रति औंस रह गई। यह चांदी की कीमत में अब तक की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट थी। इस गिरावट में हंट भाइयों को लगभग 1.7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ और वे उस समय के इतिहास के सबसे बड़े कर्ज़दार बन गए।

हालांकि न्यूयॉर्क के बैंकों ने, फेडरल रिज़र्व की मंज़ूरी से, उन्हें 1.1 अरब डॉलर का कर्ज़ देकर उनकी देनदारियां चुकाने में मदद की, फिर भी वे व्यक्तिगत रूप से दिवालिया हो गए। बाद में उन्हें चांदी के बाज़ार पर अवैध रूप से कब्ज़ा करने की कोशिश के आरोप में दोषी ठहराया गया।

दोनों भाइयों पर 10-10 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया गया, साथ ही आईआरएस का बकाया टैक्स भी वसूल किया गया। उन्हें भविष्य में कमोडिटी बाज़ार में ट्रेडिंग करने से प्रतिबंधित कर दिया गया।

सिल्वर थर्सडे के बाद जिन बैंकों और ट्रेडिंग कंपनियों ने हंट भाइयों को कर्ज़ दिया था, वे भी गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए। इसके चलते कई संस्थाएं दिवालिया हुईं और कई का विलय (merger) हो गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *